हर एक व्यकति या प्राणीमात्र को जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है। यह ऑक्सीजन खून की मदद से हमारे पूरे शरीर में पहुचता है और बीमारी से दूर रखता है। खून में दो भाग होते है - ठोस और तरल। तरल भाग में प्लज़मा और ठोस भाग में वाइट ब्लड काउंट, रेड ब्लड काउंट और प्लेटलेत्स् होते है।
रक्त में हीमोग्लोबिन नमक तत्व पाया जाता है जो लौह और प्रोटीन से बनता है और इसीलिए रक्त लाल रंग के दिखाई देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं रक्त लाल होने के बावजूद नसें नीली क्यों दिखाई देती है।
दरअसल, ऐसा optical illusion के कारन् होता है। रेड लाइट के मुकाबले में नीली लाइट ऊतक में इतना प्रवेश नहीं कर पाती है। रक्त वहिका गहरी होने के कारण लाल परावर्तित किरण का आंशिक रूप से अवशोशन होता है और इसी वजह से हमें रक्त वहिका नीली दिखाई देती है।
आईये अब जानते है कि बॉडी में रक्त का क्या होता है।
अपना हदय ऑक्सीजन लेने के लिए लंग में रक्त पंप करता है। अब यही ऑक्सीजन युक्त ब्लड धमनियों के माध्यम शरीर में जाता है। इस समय उसका रंग ब्राइट लाल होता है। फिर वह से, रक्त कोशियो के माध्यम से बॉडी के उतको को अपनी ऑक्सीजन देता है। रक्त में ऑक्सीजन क्षिन हो जाता है और फिर उसी माध्यम से हदय् में वापस आता है।
तो अब आपको पता चल गया होगा कि खून लाल रंग के क्यों होता है और नसे नीले रंग की क्यों होती है।

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