पाकिस्तान के घातक गेंदबाज शोएब अख्तर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गये हैं। लेकिन इस बार वो पाकिस्तानी खिलाड़ी की बुराई की वजह से नहीं बल्कि घास की वजह से न्यूज़ में ये हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के एक समाचार चैनल से कहा कि वह पाकिस्तानी सेना के बजट बढ़ाने के लिए घास तक खाएंगे। 44 साल के अख्तर ने ARY न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘अगर खुदा कभी मुझे अधिकार देता है, तो चाहे मुझे घास ही क्यू न खाना पड़े लेकिन सेना के बजट बढ़ा दूंगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि देश के नागरिकों को सेना के साथ मिलकर काम करना चाहिए। अखतर ने कहा, ‘मैं अपने सेना प्रमुख को अपने साथ बैठने और निर्णय लेने के लिए इजाजत दूँगा। यदि बजट 20% है, तो मैं इसे 60% करूंगा। यदि हम एक-दूसरे का अपमान करते हैं, तो इसमें नुकसान हमारा ही है।
पूर्व पेसर ने ये भी कहा कि उन्होंने 175,000 पाउन्द् के प्रस्ताव को करगिल युद्ध के लिए ठुकरा दिया था जो 16000 फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था और जिसमें 1,042 पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए थे और 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
शोएब ने कहा, लोग शायद ही इस कहानी को जानते हों। मेरे पास नॉटिंघम का 175,000 पाउंड के कांट्रैक्ट का प्रस्ताव था जो कारगिल युद्ध के लिए ठुकरा दिया था।
मैं लाहौर की बाहरी सीमा पर था। एक जनरल ने आके मुझसे पूछा कि मैं यहां क्या कर रहा हूं। मैंने कहा कि युद्ध शुरू होने वाला है और हम लोग एक साथ देश के लिये शहीद होगे। मैंने काउंटी क्रिकेट को दो बार छोड़ा और काउंटी इससे हैरान थीं। मुझे इससे कोई चिंता नहीं थी। मैंने कश्मीर में अपने दोस्तों को फोन किया और कहा कि मैं युद्ध के लिए तैयार हूं।
शोएब का बयान अब सोशल नेटवर्किंग साइट्स से लेकर मीडिया तक पर चर्चा का विषय बना हुआ है और कई तरीके की प्रतिकिया आ रही है।

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