धार्मिक पुस्तकों के अनुसार से मनुष्य के कर्म के हिसाब से पाप और पुण्य की प्राप्ति होती है। आज हम उन लोगो के बारे में बात करने वाले है जो मौत के बाद स्वर्ग पाते है या नर्क।
ये बात तो शायद कोई नहीं कह पाएगा की मृत्यु के बाद आपकी आत्मा का क्या होता है, यानि की उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी या नर्क की।
धार्मिक पुस्तकों के हिसाब से स्वर्ग पाने के लिये-
: जीवनभर निरंतर अच्छे कर्म करते रहे।
: मोक्ष की इच्छा रखने वाले वासना से दूर रहे।
: योनि-पूजन, लिंगार्चन, भैरवी-साधना, चक्र-पूजा जैसी साधनाओं से भगवान के अस्तित्व का अनुभव करते रहें।
ऐसे होती है स्वर्ग की प्राप्ति…
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कई ऐसे ग्रह हैं, जिनके प्रभाव से व्यक्ति जीवन सहि रास्ता पकड़ लेता है। वैसे आपको बता दे सभी ग्रहों में से गुरु ग्रह अत्यंत शुभ है। क्योंकि इसके प्रभाव में मानव हमेशा अच्छे कर्म करने के लिए इच्छुक रहता है।
कुंडली में अगर गुरु शुभ स्थान में हो तो इंसान को जीवन में सफलता और मान-सम्मान की प्राप्ति भी होती है और ऐसे में यह एक ही ग्रह है जिसकी मदद से व्यक्ति को सही मार्ग दर्शन मिलता है और जन्म-मृत्यु के बंधन से छुटकारा भी मिलता है। वहीं यदि कोई इंसान जिसको अच्छे-बुरे की परख होने के के बाद भी वो कोई गलत या उल्टा कार्य करे, तो ऐसे व्यक्ति की आत्मा मरने के बाद नर्क में जाती है।
कुंडली के मुताबिक इन्हें होती है स्वर्ग प्राप्ति…
: अगर कुंडली के बारहवें स्थान में शुभ ग्रह बैठा है और बारहवें भाव का स्वामी अपनी राशि या फिर मित्र राशि में है और इन्हें कोई शुभ ग्रह देख रहा है तो ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे कर्म ही करता है और इन लोगों को मरने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिलती है।
: कुंडली में केवल गुरु ही ऐसा ग्रह है जो कर्क राशि में छठे, आठवें, प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में बैठा हो और बाकी सभी ग्रह कमजोर हो तो ऐसे लोगों को मरने के बाद नर्क में नै जाना पड़ता।
: जब कुंडली में गुरु लग्न स्थान में मीन राशि में हो या फिर दसवें घर में हो या किसी अशुभ ग्रह की दृष्टि उस पर् नहीं पड़े तो ऐसी स्थिति में मरने के बाद स्वर्ग मिलता है।

0 Comments