नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि राफेल विमान के मुकाबले का विमान हमारे दोनों ही पड़ोसी देश चीन चेन और पाकिस्तान के पास नहीं है। पाकिस्तान के पास अमरीकी f-16 है और चीन के पास j-20 सब आधुनिक लड़ाकू विमान है मगर दोनों ही कई मामलों में राफेल के मुकाबले काफी पीछे हैं।
राफेल विमान जल्द ही भारत आने वाला है. इसे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात किया
जाएगा. इसके आते ही भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ जाएगी. क्योंकि हमारे दोनों ही
पड़ोसी देशों यानी चीन और पाकिस्तान के पास ये खतरनाक फाइटर जेट नहीं है.
पाकिस्तान के पास अमेरिका से खरीदा हुआ F-16 फाइटर जेट है, तो चीन के पास अपना बनाया हुआ j-20 लड़ाकू विमान है.
पाकिस्तान का f-16 फाइटर जेट तो भारतीय राफेल के आगे कहीं नहीं टिकता. लेकिन चीन का j-20 फाइटर जेट कई मामलों में राफेल को टक्कर देता
है. लेकिन चीन के फाइटर जेट का जवाब भी हमारे पास है. आइए जानते हैं कि राफेल कैसे पाकिस्तान के f-16 और चीन के j-20 से बेहतर है.
कॉम्बेट रेडियस
1850 किलोमीटर राफेल
4220 किमी f-16
3400 किमी j-20
1850 किलोमीटर राफेल
4220 किमी f-16
3400 किमी j-20
कॉम्बैट रेडियस यानी अपनी उड़ानस्थल से जितनी
दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे विमान का कॉम्बैट रेडियस कहते हैं.
राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगेंगी. हवा से
हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल. हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प
मिसाइल. तीसरी है हैमर मिसाइल. इन मिसाइलों से लैस होने के बाद राफेल काल बनकर
दुश्मनों पर टूट पड़ेगा.
मारकक्षमता
यह विमान दो तरह की मिसाइलों हवा से हवा में मार करने वाली मीटिअर और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों स्कैल्प से लैस है। दूसरी ओर एफ-16 सिर्फ एमराम मिसाइलों हैं।
यह विमान दो तरह की मिसाइलों हवा से हवा में मार करने वाली मीटिअर और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों स्कैल्प से लैस है। दूसरी ओर एफ-16 सिर्फ एमराम मिसाइलों हैं।
राफेल
150 किमी तक मार करने वाली मीटिअर मिसाइलें
300 किमी तक मार करने वाली स्कैल्प मिसाइलें
150 किमी तक मार करने वाली मीटिअर मिसाइलें
300 किमी तक मार करने वाली स्कैल्प मिसाइलें
एफ-16
100 किमी तक मार करती हैं एमराम
100 किमी तक मार करती हैं एमराम
जे-20
300 किमी तक मार करती हैं पीएल-15
400 किलोमीटर तक मार करती हैं पीएल-21
300 किमी तक मार करती हैं पीएल-15
400 किलोमीटर तक मार करती हैं पीएल-21
राफेल ऊंचाई हासिल करने के मामले
में पाकिस्तान के एफ-16 से बहुत आगे है. पाकिस्तानी एफ-16 का रेट ऑफ
क्लाइंब 254 मीटर प्रति सेकंड है. राफेल का रेट ऑफ क्लाइंब 300 मीटर प्रति
सेकंड है. जबकि, चीन के जे-20 की 304 मीटर प्रति सेकंड है.
अधिकतम ऊंचाई
15240 मीटर राफेल
15235 मीटर एफ-16
18000 मीटर जे-20
15240 मीटर राफेल
15235 मीटर एफ-16
18000 मीटर जे-20
राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर
की ऊंचाई पर जा सकता है. पाकिस्तानी एफ-16 एक मिनट में 15,240 मीटर और चीन
का जे-20 एक मिनट में 18,240 मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है.
चीन के जे-20 फाइटर जेट
की स्पीड 2100 किलोमीटर प्रति घंटा है. पाकिस्तानी एफ-16 की गति 2414 किलोमीटर
प्रति घंटा है. जबकि, भारतीय राफेल की गति 2450 किलोमीटर प्रतिघंटा है. यानी ध्वनि की गति से
दोगुनी स्पीड.
राफेल ओमनी रोल लड़ाकू विमान है.
यह पहाड़ों पर कम जगह में उतर सकता है. इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार
सकते हैं. राफेल चारों तरफ निगरानी रखने में सक्षम है. इसका टारगेट अचूक होगा.
राफेल की
विशेषताएं:-
1. कहीं भी लैंडिंग
में सक्षम
रक्षा विशेषज्ञ मारुफ रजा के अनुसार राफेल ओमनी रोल विमान है। यह पहाड़ों पर कम जगह पर उतर सकता है। इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार सकते हैं।
2. दोहरी मारक क्षमता
राफेल हवा से हवा में और हवा से जमीन पर एक साथ लक्ष्य को भेद सकता है। यह हवा में 150 किमी और हवा से सतह पर 300 किमी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलों से लैस है।
3. अचूक निशाना
पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था राफेल चारों तरफ निगरानी रखने में सक्षम है। इसका टारगेट अचूक होगा। 360 डिग्री विजिबिलिटी की वजह से पायलट को बस विरोधी को देखना है और बटन दबा देना है, बाकी काम कंप्यूटर कर लेगा।
रक्षा विशेषज्ञ मारुफ रजा के अनुसार राफेल ओमनी रोल विमान है। यह पहाड़ों पर कम जगह पर उतर सकता है। इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार सकते हैं।
2. दोहरी मारक क्षमता
राफेल हवा से हवा में और हवा से जमीन पर एक साथ लक्ष्य को भेद सकता है। यह हवा में 150 किमी और हवा से सतह पर 300 किमी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलों से लैस है।
3. अचूक निशाना
पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था राफेल चारों तरफ निगरानी रखने में सक्षम है। इसका टारगेट अचूक होगा। 360 डिग्री विजिबिलिटी की वजह से पायलट को बस विरोधी को देखना है और बटन दबा देना है, बाकी काम कंप्यूटर कर लेगा।
राफेल (Rafale) विमान एक
बार में करीब 26 टन (26 हजार किलोग्राम) वजन ले जा सकता
है.
यह महज एक मिनट में 36 से 60 हजार फीट की
ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की
उड़ान भर सकता है.
राफेल पर लगी गन एक मिनट में 2500 फायर करने
में सक्षम है. राफेल में जितना तगड़ा रडार सिस्टम है उतना एफ-16 में नहीं
है. राफेल का रडार सिस्टम 100 किलोमीटर के दायरे में एकबार में एकसाथ 40 टारगेट की
पहचान कर सकता है जबकि पाकिस्तानी एफ-16 का रडार 84 किलोमीटर के
दायरे में केवल 20 टारगेट को ही पहचान सकता है.

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