इस चीनी जासूस ने उड़ाई अमेरिका की नींद, लिंक्डइन् के जरिए यूएसए को हिलाकर रख दिया
यूएसए और चीन के बीच तनतनी बाढ़ का रूप ले रही है। यूएसए में सिंगापुर के एक नागरिक डिक्सन येओ को चीन का जासूस होने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया. उसने अपना जुर्म भी कबुल कर लिया है. जासूसी के लिए वो प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन का इस्तेमाल करता था.
· लिंक्डइन के जरिए लोगों को फंसाता था
सिंगापुर के एक व्यक्ति डिक्सन येओ ने चीन का जासूस होने के जुर्म को काबुल कर लिया है. इसकी जानकारी यूएसए के न्याय मंत्रालय ने दी. जांच पड़ताल में पाया गया था कि डॉक्टरेट में डिक्सन येओ की रिसर्च चीन की विदेश नीति से जुड़ी हुई थी.
एक जानकारी के अनुसार उसकी प्रेजेंटेशन के बाद जुन वेई, जिसे यूएसए कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक डिक्सन के नाम से भी पहचाना जाता था, उसके संपर्क में ऐसे कई सारे लोग आए जिन्होंने उसे बताया कि वो चीनी थिंक टैंक्स के लिए काम करते हैं. इसके बाद उसने बताया कि वो उससे राजनीतिक रिपोर्ट्स और जानकारियां मुहैया कराने के लिए पैसे देंगे. वो समझ गया कि वो चीनी ऐजेंट हैं और उसने काम करना शुरू कर दिया.
डिक्सन ऐसे बना जासूस
पहले डिक्सन से दक्षिण पूर्व एशिया के देशों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया, लेकिन उसके बाद में उनकी दिलचस्पी हटकर अमेरिकी सरकार पर टिक गई. इस तरह से डिक्सन चीनी एजेंट बन गया. वे सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन का इस्तेमाल करने लगा, उसने एक फेक कंपनी का सहारा लिया और अमरीकी लॉगो को जाल में फंसाने के लिए एक शिक्षक बनकर इस साइट का इस्तेमाल करने लगा.
सिंगापुर के नागरिक येओ ने यूएसए के भीतर विदेशी ताकत का अवैध एजेंट होने के जुर्म को स्वीकार करने वाली याचिका दाखिल की. न्याय मंत्रालय की राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई के लिए यूएसए के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन सी डेमर्स ने कहा कि चीनी सरकार ऐसे अमेरिकियों से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए छल कपट का जाल बुनती है जिन पर किसी तरह का संदेह नहीं होता.
क्या कहते हैं पुराने साथी
सिंगापुर के ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के पूर्व छात्र इस खबर को सुनकर सदमे में हैं.
ये संस्थान एशिया के कुछ शीर्ष नौकरशाहों और सरकारी अधिकारियों को शिक्षण देता है.
एक पूर्व पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट ने कहा, "वह क्लास का काफी बुदि्धमान् छात्र था. मैं उसे हमेशा एक बुद्धिमान शख्स के तौर पर देखता था."
उन्होंने बताया कि वो अक्सर सामाजिक असमानता के बारे में बात करते थे और बताते थे कि जब वे बच्चे थे तो उनके परिवार ने किस तरह से आर्थिक मुश्केलिओ का सामना किया था.
संस्थान के एक पूर्व स्टाफ ने एक अलग कहानी बताई. उन्होंने कहा कि येओ को लगता था कि वे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
येओ के पीएचडी सुपरवाइजर हुआंग जिंग थे जो कि एक हाई प्रोफाइल चीनी अमरीकी शिक्षक हैं. उन्हें एक विदेशी एजेंट होने के चलते सिंगापुर से 2017 में निकाल दिया गया था.
हुआंग जिंग ने हमेशा इन आरोपों को नकार दिया है. सिंगापुर छोड़ने के बाद उन्होंने पहले वॉशिंगटन डीसी में काम किया और अब वे बीजिंग में काम कर रहे हैं.
येओ के जुर्म स्वीकार करने के साथ कोर्ट के जारी किए गए दस्तावेज़ के मुताबिक, छात्र ने चीन में काफी बार अपने चीनी हैंडलरों से अलग-अलग जगहों पर मिले थे.
एक मीटिंग के दौरान उन्हें अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और चीन- यूएसए ट्रेड वॉर के बारे में जानकारियां हासिल करने के लिए कहा गया था.
लिंक्डइन के जरिए अमेरिका के नागरिकों को फंसाया
अमेरिका के सहायक अटॉर्नी डेमर्स ने कहा कि चीनी सरकार ऐसे अमेरिकियों से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए छल कपट का जाल बुनती है जिन पर किसी तरह का संदेह नहीं होता. डेमर्स ने कहा, 'येओ भी एसी ही एक योजना में था और सोशल नेटवर्किंग साइट और फर्जी कंसल्टिंग साइट के जरिए ऐसे अमेरिकी नागरिकों को फसता था. यह अमेरिकी समाज के खुलेपन का फायदा उठाने के चीन की सरकार के उत्पीड़न का एक और उदाहरण है.' उत्पीड़न का एक और उदाहरण है.'

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